125 साल पुराने औपनिवेशिक ढांचे से विदाई: पीएम मोदी आज ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन परिसर का करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली में प्रशासनिक इतिहास का अहम अध्याय शुक्रवार को दर्ज होने जा रहा है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम को प्रधानमंत्री कार्यालय की नई इमारत ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन-1 व 2 का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले वे दक्षिण ब्लॉक में केंद्रीय कैबिनेट की विशेष बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जो ब्रिटिश काल में बने सचिवालय भवन में आयोजित अंतिम कैबिनेट बैठक होगी।

ब्रिटिश युग की विरासत से ऐतिहासिक बदलाव
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक यह कैबिनेट बैठक उस परिसर में आखिरी होगी, जिसे 1900 के दशक की शुरुआत में ब्रिटिश आर्किटेक्ट हर्बर्ट बेकर ने तत्कालीन ब्रिटिश शासन की जरूरतों के मुताबिक डिजाइन किया था। शाम चार बजे निर्धारित बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय का स्थानांतरण नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में किया जाएगा। यह कदम करीब सवा सौ साल से सत्ता के केंद्र रहे औपनिवेशिक ढांचे से प्रशासनिक बदलाव का प्रतीक माना जा रहा है।

नॉर्थ-साउथ ब्लॉक का बदलेगा स्वरूप
सरकारी योजना के तहत 1921 से शासन का केंद्र रहे नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को खाली कर उन्हें ‘युगे युगेन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ में बदला जाएगा, जो भारत की सभ्यता यात्रा को प्रदर्शित करने वाला विश्वस्तरीय संग्रहालय होगा। इससे पहले गृह मंत्रालय भी रायसीना हिल्स स्थित नॉर्थ ब्लॉक परिसर से स्थानांतरित हो चुका है।

आधुनिक शासन ढांचे की दिशा में बड़ा कदम
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन परिसर का उद्घाटन प्रशासनिक ढांचे में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर है, जो आधुनिक, कुशल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित शासन प्रणाली बनाने की प्रतिबद्धता दर्शाता है। लंबे समय से केंद्रीय विस्टा क्षेत्र में विभिन्न मंत्रालय पुराने ढांचे और अलग-अलग स्थानों से काम कर रहे थे, जिससे समन्वय में चुनौतियां आती थीं।

एक ही परिसर में प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान
नए ‘सेवा तीर्थ’ भवन में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय एक ही स्थान पर स्थित होंगे। वहीं कर्तव्य भवन-1 और 2 में कानून, रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, कृषि समेत कई प्रमुख मंत्रालयों के कार्यालय स्थापित किए गए हैं। परिसर में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, संरचित सार्वजनिक इंटरफेस क्षेत्र और केंद्रीकृत रिसेप्शन सुविधाएं तैयार की गई हैं।

ग्रीन टेक्नोलॉजी और हाई-सिक्योरिटी सिस्टम से लैस परिसर
ये नए भवन 4-स्टार जीआरआइएचए मानकों के अनुरूप बनाए गए हैं, जिनमें नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां, जल संरक्षण उपाय और आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन शामिल हैं। साथ ही स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन ढांचा सुरक्षित व सुगम कार्य वातावरण सुनिश्चित करेगा।

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